Research Article | Open Access
अज्ञेय की कहानियों में मािव मिोववज्ञाि
Diamond Sahu, Premlata Chakradhari
Pages: 567-568
Abstract
अज्ञेय के लेखन का अद्वितीय स्िभाि और मानिीय संिेदनशीलता के साथ उसकी कहाननयों में व्यक्ततगत और सामाक्िक अनुभिों का विस्तार से अध्ययन करने का प्रयास ककया गया है। इस अध्ययन में, हमने अज्ञेय की कहाननयों के माध्यम से मानि मनोविज्ञान के मुख्य ससद््ांतों का विश्लेषण ककया है और उनका प्रभाि समझने की कोसशश की है। इस पेपर में हमने अज्ञेय की कहाननयों में प्रनतभात्मक अनुभिों का विश्लेषण ककया है और उनके माध्यम से मानिीय स्िभाि की गहराई में प्रिेश ककया है। हमारा उद्देश्य यह है कक इस अध्ययन से अज्ञेय की कहाननयों के माध्यम से उनके पाठकों को मानि मनोविज्ञान के नए पहलुओं के प्रनत उत्तेक्ित करने में मदद समले।
Keywords
अज्ञेय, कहाननयााँ, मानि मनोविज्ञान, प्रनतभात्मक अनुभि, सामाक्िक संकेत